आयुष्मान वय वंदना कार्ड: 70+ को मुफ्त ₹5 लाख इलाज कैसे?

लेख की शुरुआत
इस खबर में आपको आयुष्मान भारत की नई वय वंदना योजना की पूरी जानकारी मिलेगी। 70 साल से ऊपर के हर भारतीय को आय की सीमा के बिना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है। आंकड़े, पात्रता, आवेदन का तरीका और ताजा सरकारी आंकड़े आसान भाषा में दिए गए हैं।
आयुष्मान भारत वय वंदना योजना में अस्पताल इलाज से मना करे तो क्या करें, और कौन-कौन से अस्पताल शामिल हैं – इसकी पूरी और सही जानकारी नीचे दी गई है।
नई दिल्ली / 20 सितंबर 2026 /जनता आवाज न्यूज रिसोर्स
भारत में बुजुर्गों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उम्र बढ़ने के साथ डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और कैंसर जैसी बीमारियां आम हो गई हैं। इन बीमारियों का इलाज महंगा पड़ता है और परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। सरकार ने इसी समस्या को देखते हुए आयुष्मान भारत योजना का विस्तार किया है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है। इसमें परिवार को सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिलता है। अक्टूबर 2024 में सरकार ने इसे और बढ़ाया। अब 70 साल या उससे अधिक उम्र के हर नागरिक को आय की परवाह किए बिना यह कवर मिलता है। इसे आयुष्मान भारत वय वंदना कार्ड कहा जाता है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 तक योजना के तहत 12.69 करोड़ अस्पताल में भर्ती होने के मामले मंजूर किए गए। इन पर कुल ₹1.92 लाख करोड़ खर्च हुआ। जुलाई 2026 तक 44.73 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। अस्पतालों की संख्या भी 37,000 से ऊपर पहुंच गई है, जिनमें सरकारी और निजी दोनों शामिल हैं।
वय वंदना योजना के तहत लगभग 6 करोड़ बुजुर्गों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। ये 4.5 करोड़ परिवारों से जुड़े हैं। पहले जो परिवार पहले से PM-JAY में थे, उनके 70 साल से ऊपर के सदस्यों को अतिरिक्त ₹5 लाख का कवर मिलता है। जो पहले योजना में नहीं थे, उन्हें नया कार्ड बनवाकर पूरा फायदा लिया जा सकता है।
योजना के तहत सेकेंडरी और टर्शियरी केयर के इलाज शामिल हैं। इसमें सर्जरी, डायलिसिस, कैंसर का इलाज, हृदय संबंधी प्रक्रियाएं और कई अन्य पैकेज आते हैं। अस्पताल में भर्ती होने से 3 दिन पहले और 15 दिन बाद तक का खर्च भी कवर होता है। पहले से मौजूद बीमारियां भी पहले दिन से कवर होती हैं।
आंकड़ों को समझने के लिए तालिका देखें:
| विवरण | आंकड़ा (2026 तक) |
|---|---|
| आयुष्मान कार्ड बने | 44.73 करोड़ से अधिक |
| अस्पताल भर्ती मंजूर | 12.69 करोड़ |
| कुल खर्च (इलाज पर) | ₹1.92 लाख करोड़ |
| एम्पेनेल्ड अस्पताल | 37,000+ |
| वय वंदना संभावित लाभार्थी | लगभग 6 करोड़ बुजुर्ग |
| ABHA अकाउंट (डिजिटल स्वास्थ्य) | 90 करोड़ से अधिक |
ये आंकड़े नेशनल हेल्थ अथॉरिटी और संसद में दिए गए जवाबों पर आधारित हैं। इससे साफ है कि योजना बड़े पैमाने पर काम कर रही है और आम लोगों का आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च कम हो रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य खातों के अनुसार, 2014-15 में स्वास्थ्य पर खुद का खर्च 62.6 प्रतिशत था, जो 2022-23 में घटकर 43.4 प्रतिशत रह गया।
गैर-संचारी रोगों (NCD) का बोझ भी बढ़ रहा है। ICMR-INDIAB अध्ययन के अनुसार, भारत में करीब 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और 13.6 करोड़ प्री-डायबिटीज में हैं। हाई ब्लड प्रेशर के मामले और भी ज्यादा हैं। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से 42 करोड़ से ज्यादा लोगों की हाई बीपी स्क्रीनिंग हुई और 7.3 करोड़ मामलों का पता चला। डायबिटीज की स्क्रीनिंग में भी करीब 5 करोड़ मामले सामने आए।
सरकार इन बीमारियों की रोकथाम पर जोर दे रही है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में मुफ्त स्क्रीनिंग, सलाह और प्राथमिक इलाज मिलता है। बजट 2026-27 में स्वास्थ्य मंत्रालय को ₹1,06,530 करोड़ दिए गए, जो पिछले साल से करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और PM-JAY दोनों को अतिरिक्त फंड मिला है।
वय वंदना कार्ड कैसे बनवाएं? यह आसान है। आयुष्मान ऐप डाउनलोड करें या beneficiary.nha.gov.in वेबसाइट पर जाएं। आधार कार्ड से वेरिफिकेशन करके ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कई जगहों पर कैंप भी लगाए जा रहे हैं, खासकर ग्रामीण इलाकों में। कार्ड बनने के बाद नजदीकी एम्पेनेल्ड अस्पताल में जाकर इलाज करा सकते हैं। पोर्टेबिलिटी की सुविधा है, यानी दूसरे राज्य में भी इलाज संभव है।
योजना के फायदे सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं। इससे परिवारों को कर्ज लेने से बचाया जा रहा है। कई रिपोर्टों में बताया गया है कि कैशलेस इलाज से आर्थिक संकट कम हुआ है। साथ ही डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड (ABHA) से इलाज का इतिहास आसानी से उपलब्ध हो जाता है। 90 करोड़ से ज्यादा ABHA अकाउंट बन चुके हैं।
आम लोगों के लिए सलाह: 70 साल से ऊपर के परिवार के सदस्यों का कार्ड जरूर बनवाएं। नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मुफ्त स्क्रीनिंग का फायदा लें। डायबिटीज और हाई बीपी को कंट्रोल में रखने से बड़े इलाज की जरूरत कम पड़ती है।
सरकार की कोशिश है कि स्वास्थ्य सेवाएं सिर्फ इलाज तक न रहें, बल्कि रोकथाम और शुरुआती पहचान पर भी फोकस हो। बजट में बायोफार्मा, मानसिक स्वास्थ्य और वर्कफोर्स बढ़ाने के प्रावधान भी किए गए हैं। इससे लंबे समय में आम आदमी को राहत मिलेगी।
अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य पात्र है तो आज ही जांच कर लें। आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर अपडेटेड जानकारी उपलब्ध है। सही जानकारी और समय पर कदम उठाने से स्वास्थ्य खर्च का बोझ काफी हद तक कम किया जा सकता है।
आयुष्मान भारत वय वंदना योजना के लाभ और शर्तें (2026 तक की जानकारी)यह योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) का विस्तार है। इसे अक्टूबर 2024 में शुरू किया गया था। इसका मकसद 70 साल या उससे अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को मुफ्त और कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा देना है।मुख्य लाभ
₹5 लाख का सालाना स्वास्थ्य कवर: हर पात्र बुजुर्ग को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज।
पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर: डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग आदि पहले दिन से ही कवर होते हैं। कोई वेटिंग पीरियड नहीं।
लगभग 1,961 मेडिकल पैकेज: 27 स्पेशलिटी में इलाज शामिल। उदाहरण:
हृदय संबंधी (बायपास, एंजियोप्लास्टी, पेसमेकर)
कैंसर (कीमो, रेडिएशन, सर्जरी)
किडनी (डायलिसिस)
जोड़ों का रिप्लेसमेंट (घटना/कूल्हा)
मोतियाबिंद, स्ट्रोक, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं आदि।
प्री और पोस्ट हॉस्पिटलाइजेशन: भर्ती से 3 दिन पहले और 15 दिन बाद तक के खर्च (जांच, दवाइयां)।
पूरे देश में मान्य: 37,000 से अधिक सरकारी और निजी एम्पेनेल्ड अस्पतालों में इलाज। पोर्टेबिलिटी की सुविधा (किसी भी राज्य में)।
टॉप-अप कवर: अगर परिवार पहले से PM-JAY में है, तो 70+ सदस्य को अतिरिक्त ₹5 लाख का अलग कवर मिलता है (कुल मिलाकर ज्यादा सुरक्षा)।
पूरी तरह मुफ्त: कोई प्रीमियम नहीं। कैशलेस इलाज, जेब से कुछ नहीं खर्च करना पड़ता।
पात्रता और शर्तें
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| उम्र | 70 वर्ष या उससे अधिक (केवल यही मुख्य शर्त) |
| नागरिकता | भारतीय नागरिक |
| आय सीमा | कोई नहीं – अमीर-गरीब, कोई भी |
| अन्य शर्तें | जाति, वर्ग, SECC लिस्ट, बीपीएल आदि की कोई जरूरत नहीं |
| आधार | आधार कार्ड से e-KYC जरूरी (आयु सत्यापन के लिए) |
| अन्य बीमा | CGHS, ECHS, ESIC या प्राइवेट इंश्योरेंस वाले भी ले सकते हैं, लेकिन एक ही इलाज के लिए दोनों का इस्तेमाल एक साथ नहीं कर सकते |
नोट:
- एक परिवार में कई 70+ सदस्य हों तो कवर साझा हो सकता है (विवरण अस्पताल/हेल्पलाइन पर चेक करें)।
- कार्ड डिजिटल (e-Card) मिलता है, प्रिंट भी करा सकते हैं।
क्या कवर नहीं होता? (मुख्य अपवाद)
- OPD (बाहरी मरीज) का सामान्य इलाज और नियमित दवाइयां
- कॉस्मेटिक सर्जरी, दांतों का इलाज, वैक्सीनेशन
- भारत के बाहर का इलाज
- कुछ इम्प्लांट्स पर सीलिंग (सीमित राशि) लागू हो सकती है
कैसे आवेदन करें?
- आयुष्मान ऐप डाउनलोड करें या वेबसाइट beneficiary.nha.gov.in पर जाएं।
- आधार से e-KYC करें।
- कार्ड तुरंत या कुछ देर में डाउनलोड हो जाता है।
- नजदीकी CSC सेंटर या आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भी बनवा सकते हैं।
हेल्पलाइन: 14555 (24×7 टोल-फ्री)सलाह: इलाज से पहले अस्पताल की एम्पेनेल्ड स्थिति hospitals.pmjay.gov.in पर जरूर चेक करें। कोई समस्या हो तो तुरंत 14555 पर कॉल करें।यह योजना बुजुर्गों के लिए बहुत फायदेमंद है। सही जानकारी लेकर पूरा लाभ उठाएं। आधिकारिक अपडेट के लिए pmjay.gov.in देखें।
अस्पताल इलाज से मना करे तो क्या करें?वय वंदना कार्ड वाले पात्र लाभार्थी को एम्पेनेल्ड (सूचीबद्ध) अस्पताल इलाज से मना नहीं कर सकता। अगर मना करे या पैसे मांगे, तो तुरंत ये कदम उठाएं:
- अस्पताल में ही Ayushman Mitra डेस्क पर जाएं
हर एम्पेनेल्ड अस्पताल में Ayushman Mitra होता है। उनसे बात करें और समस्या बताएं। अक्सर यहीं समाधान हो जाता है।
- तुरंत टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें
- 14555 (24×7 राष्ट्रीय हेल्पलाइन)
- वैकल्पिक: 1800-111-565
अस्पताल के अंदर से ही कॉल करें। अस्पताल का नाम, पता, अपना कार्ड नंबर और समस्या साफ-साफ बताएं। कॉल सेंटर शिकायत दर्ज कर रेफरेंस नंबर देगा और जिला स्तर पर तुरंत कार्रवाई शुरू कर सकता है (अस्पताल में रहते हुए 48 घंटे के अंदर समाधान का प्रयास होता है)।
- ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें
- वेबसाइट: https://cgrms.pmjay.gov.in या https://grievance.pmjay.gov.in
- “Register Your Grievance” पर क्लिक करें।
- अस्पताल का नाम, तारीख, समस्या का विवरण और सबूत (फोटो/स्क्रीनशॉट) अपलोड करें।
- Unique Grievance Number (UGN) जरूर नोट कर लें। इससे स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
- लिखित में मनाही मांगें
अस्पताल से लिखित रूप में इलाज मना करने का कारण लें। यह शिकायत और आगे की कार्रवाई के लिए मजबूत सबूत बनता है।
- एस्केलेशन (ऊपर भेजना)
- जिला स्तर (District Grievance Nodal Officer) → 15-30 दिन
- राज्य स्तर (State Grievance Redressal Committee)
- राष्ट्रीय स्तर (National Health Authority)
अगर जरूरत पड़े तो RTI भी लगा सकते हैं।
जरूरी बात: कैश न दें। योजना पूरी तरह कैशलेस है। इमरजेंसी में इलाज करवा लें और बाद में शिकायत दर्ज कराकर रिफंड की प्रक्रिया अपनाएं।2. वय वंदना योजना में कौन-कौन से अस्पताल शामिल हैं?वय वंदना योजना आयुष्मान भारत PM-JAY के ही अस्पताल नेटवर्क पर चलती है। यानी जो अस्पताल PM-JAY में एम्पेनेल्ड हैं, वे वय वंदना कार्ड वाले बुजुर्गों को भी इलाज देते हैं।
- कुल एम्पेनेल्ड अस्पताल: 37,000 से अधिक (2026 के आंकड़ों के अनुसार)
- सरकारी अस्पताल: लगभग 19,000+
- निजी अस्पताल: लगभग 16,000-17,000+
- देश के सभी 36 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध
- पोर्टेबिलिटी: किसी भी राज्य के एम्पेनेल्ड अस्पताल में इलाज संभव
सभी अस्पतालों की पूरी सूची बहुत बड़ी है (हजारों में), इसलिए पूरी तालिका यहां देना संभव नहीं। सूची समय-समय पर बदलती रहती है (नए अस्पताल जुड़ते हैं, कुछ हटाए जाते हैं)।आधिकारिक तरीके से अस्पताल खोजें (सबसे सही तरीका):
| तरीका | कैसे करें | लिंक / ऐप |
|---|---|---|
| आधिकारिक वेबसाइट | राज्य → जिला → स्पेशलिटी → हॉस्पिटल टाइप चुनें | hospitals.pmjay.gov.in |
| आयुष्मान ऐप | GPS ऑन करके नजदीकी अस्पताल खोजें | Play Store / App Store पर “Ayushman App” |
| आरोग्य सेतु 2.0 ऐप | PM-JAY अस्पताल खोजने की सुविधा | उपलब्ध |
| हेल्पलाइन | 14555 पर कॉल करके अपने जिले के अस्पताल पूछें | 14555 |
उदाहरण के लिए कुछ बड़े राज्यों में अनुमानित संख्या (2026 के आंकड़ों पर आधारित, सटीक संख्या वेबसाइट पर चेक करें):
| राज्य | अनुमानित एम्पेनेल्ड अस्पताल |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 3,000+ |
| कर्नाटक | 3,000+ |
| गुजरात | 2,500+ |
| महाराष्ट्र | 2,000+ |
| राजस्थान | 1,800+ |
| मध्य प्रदेश | 1,700+ |
| तमिलनाडु | 1,600+ |
| बिहार | 1,000+ |
सलाह: इलाज से पहले हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर चेक करें कि अस्पताल अभी एक्टिव एम्पेनेल्ड है या नहीं। अस्पताल को फोन करके भी पुष्टि कर लें।कोई समस्या हो तो तुरंत 14555 पर कॉल करें। योजना का पूरा फायदा लेने के लिए सही अस्पताल चुनें और शिकायत प्रक्रिया जान लें। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट pmjay.gov.in देखें।
आयुष्मान भारत कार्ड (PM-JAY) के लिए पात्रता जांचने का तरीकाआयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) का कार्ड बनाने से पहले अपनी पात्रता जरूर चेक करें। यह पूरी तरह मुफ्त और आसान है।1. ऑनलाइन पात्रता जांचें (सबसे आसान तरीका)आधिकारिक वेबसाइट से:
- वेबसाइट खोलें → https://beneficiary.nha.gov.in
- Beneficiary विकल्प चुनें।
- अपना मोबाइल नंबर डालें + कैप्चा भरें → OTP प्राप्त करें और वेरिफाई करें।
- खोज विकल्प में से कोई एक चुनें:
- आधार नंबर
- राशन कार्ड नंबर / फैमिली ID
- नाम + राज्य
- PMJAY ID (अगर पहले से है)
- राज्य चुनें और Search करें।
- अगर आपका नाम/परिवार लिस्ट में है तो विवरण दिख जाएगा। वहीं से e-Card भी डाउनलोड कर सकते हैं।
आयुष्मान ऐप से:
- Google Play Store या App Store से Ayushman App डाउनलोड करें।
- मोबाइल नंबर + OTP से लॉगिन करें।
- पात्रता चेक और कार्ड डाउनलोड का विकल्प उपलब्ध है।
- हेल्पलाइन से जांचें
- टोल-फ्री नंबर: 14555 (24×7)
- अपना नाम, मोबाइल नंबर, आधार या राशन कार्ड नंबर बताएं। वे तुरंत बता देंगे कि आप पात्र हैं या नहीं।
- ऑफलाइन तरीके
- नजदीकी Common Service Centre (CSC) जाएं।
- सरकारी अस्पताल या आयुष्मान आरोग्य मंदिर में Ayushman Mitra डेस्क पर जाएं।
- दस्तावेज (आधार, राशन कार्ड) लेकर जाएं।
पात्रता के मुख्य नियम (संक्षेप में)
| श्रेणी | पात्रता |
|---|---|
| सामान्य परिवार | SECC 2011 के आंकड़ों के आधार पर (ग्रामीण/शहरी गरीब व कमजोर वर्ग) |
| 70 वर्ष या उससे अधिक | सभी भारतीय नागरिक (आय की कोई सीमा नहीं) – वय वंदना कार्ड |
| अन्य | कुछ राज्य अपनी तरफ से अतिरिक्त परिवार जोड़ते हैं |
नोट:
- 70 साल से ऊपर वाले सभी लोग सीधे पात्र हैं।
- अगर नाम नहीं दिखता तो घबराएं नहीं। कई राज्यों में अतिरिक्त सूची या सुधार की सुविधा है। हेल्पलाइन या CSC से संपर्क करें।
जरूरी लिंक:
- पात्रता चेक: beneficiary.nha.gov.in
- अस्पताल खोजें: hospitals.pmjay.gov.in
- आधिकारिक साइट: pmjay.gov.in
किसी भी समस्या में 14555 पर कॉल करें। पात्रता चेक करने के बाद अगर आप योग्य हैं तो तुरंत कार्ड बनवा लें।