भारत की economic growth में AIF industry की होगी अहम भूमिका, BCG के Partner मयंक झा का बयान

भारत का Alternative Investment Fund (AIF) industry देश के आर्थिक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। Boston Consulting Group (BCG) के Managing Director और Partner मयंक झा ने यह जानकारी दी है। उन्होंने यह बात 14 अक्टूबर को मुंबई में 4th CII Alternative Investment Fund Summit 2026 के इतर ANI से बातचीत में कही।
वर्तमान में alternative assets भारत की asset management industry का केवल 6 प्रतिशत हिस्सा हैं। global level पर यह आंकड़ा 19 प्रतिशत है। मयंक झा के अनुसार भारत की economic growth के लिए alternative assets की भूमिका तय है।
- भारत में alternative assets asset management industry का 6 प्रतिशत हैं जबकि global स्तर पर यह 19 प्रतिशत है।
- AIF commitments वर्तमान में लगभग 17.5 लाख करोड़ रुपये हैं।
- AIF industry वर्तमान में उस स्तर पर है जहां 9 साल पहले mutual fund industry थी।
- भारत को Viksit Bharat के लिए आवश्यक capital का बड़ा हिस्सा AIF के माध्यम से मिलेगा।
- artificial intelligence (AI) भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिसे अलग नजरिए से देखने की जरूरत है।
AIF industry और mutual fund industry की स्थिति
AIF commitments वर्तमान में लगभग 17.5 लाख करोड़ रुपये हैं। 2016 में mutual fund industry भी इसी स्तर पर थी। मयंक झा ने बताया कि वर्तमान सेक्टर की स्थिति 2016 की mutual fund industry जैसी ही है जो बाद में तेजी से बढ़ी थी।
Viksit Bharat के लिए भारत को जितनी capital की आवश्यकता होगी, वैसी private side capital commitments AIF के जरिए पूरी होंगी। AIF इस दिशा में एक बहुत महत्वपूर्ण lever साबित होगा।
foreign capital और AI को लेकर BCG पार्टनर के विचार
भारत को अपनी long-term development ambitions को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर foreign investment की आवश्यकता है। अर्थव्यवस्था की growth और Viksit Bharat के लक्ष्य को हासिल करने के लिए international capital को आकर्षित करने वाले framework को लगातार आकर्षक बनाए रखना जरूरी है।
इसके लिए multiple policy interventions किए जा सकते हैं। artificial intelligence (AI) भी भारत के लिए एक महत्वपूर्ण opportunity बना हुआ है जिसे देश को अलग तरह से देखने की जरूरत है।