AI डील्स से मध्यम अवधि में बढ़ेगी ग्रोथ, Q2FY27 में सुस्त रह सकता है भारतीय IT सेक्टर: रिपोर्ट

AI डील्स से मध्यम अवधि में बढ़ेगी ग्रोथ, Q2FY27 में सुस्त रह सकता है भारतीय IT सेक्टर: रिपोर्ट

सेंट्रम की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर का प्रदर्शन FY27 की दूसरी तिमाही में सुस्त रहने की संभावना है। हालांकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी डील्स में बढ़ती तेजी मध्यम अवधि में ग्रोथ को सपोर्ट कर सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में डिमांड का माहौल बड़े पैमाने पर स्थिर बना हुआ है। क्लाइंट्स AI को अपनाने को लेकर सतर्क हैं और लंबे फैसले लेने के समय का असर निकट अवधि की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

  • FY27 की दूसरी तिमाही में भारतीय IT सर्विसेज सेक्टर का प्रदर्शन सुस्त रहने की संभावना है।
  • AI से जुड़ी डील्स मध्यम अवधि में इंक्रीमेंटल बिजनेस ग्रोथ के अहम ड्राइवर साबित होंगी।
  • सेंट्रम के अनुसार AI-लेड सर्विसेज मार्केट 2030 तक USD 300-400 बिलियन तक पहुंच सकता है।
  • TCS की तिमाही-दर-तिमाही US डॉलर टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ 0.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
  • इन्फोसिस के लिए यह ग्रोथ 1.1 प्रतिशत और HCL Tech के लिए 1.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

कंपनियों के रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान

ब्रोकरेज का अनुमान है कि Tier 1 IT कंपनियों में निकट अवधि में रेवेन्यू ग्रोथ कम रहेगी। Q2FY27 में US डॉलर टर्म में तिमाही-दर-तिमाही रेवेन्यू ग्रोथ Wipro में 0.6 प्रतिशत की गिरावट और Tech Mahindra में 1.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

Tier 2 कंपनियों के मामले में रिपोर्ट का अनुमान है कि LTIMindtree में 1.1 प्रतिशत, L&T Technology Services में 1.7 प्रतिशत, Coforge में ऑर्गेनिक रूप से 3.1 प्रतिशत की ग्रोथ होगी। इसके अलावा Persistent Systems में 6 प्रतिशत, Mphasis में 1.9 प्रतिशत और Happiest Minds में 2.3 प्रतिशत की तिमाही-दर-तिमाही US डॉलर टर्म में ग्रोथ हो सकती है।

डील्स और सेक्टरवार खर्च के रुझान

सेंट्रम ने बताया कि हाल ही में साइन की गई डील्स मुख्य रूप से कॉस्ट ऑप्टिमाइजेशन और वेंडर कंसोलिडेशन पर केंद्रित हैं। टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू का रेवेन्यू में कन्वर्जन अभी भी सॉफ्ट बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि डील्स धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं।

रिपोर्ट में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस यानी BFSI और टेक्नोलॉजी सेक्टर में डिस्क्रीशनरी टेक्नोलॉजी स्पेंडिंग में मामूली सुधार देखा गया है। हालांकि, मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोटिव सेक्टर में खर्च अभी भी कमजोर बना हुआ है।

ऑपरेटिंग मार्जिन और AI टूल्स का असर

ब्रोकरेज का अनुमान है कि Q2FY27 में पूरे सेक्टर के ऑपरेटिंग मार्जिन बड़े पैमाने पर स्थिर रहेंगे। इस तिमाही के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 1 प्रतिशत की गिरावट से इसे सपोर्ट मिलेगा, हालांकि AI में निवेश के कारण यह आंशिक रूप से प्रभावित हो सकता है।

IT कंपनियां AI टूल्स के अधिक उपयोग, उच्च यूटिलाइजेशन और अपने एंप्लॉय मिक्स में बदलाव के जरिए मार्जिन में सुधार चाहती हैं। आने वाले समय में सेंट्रम का कहना है कि डिमांड, FY27 रेवेन्यू और मार्जिन गाइडेंस, ऑफशोरिंग, हायरिंग और डील बुकिंग पर मैनेजमेंट की टिप्पणी अहम होगी।

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