अदाणी एंटरप्राइजेज और जैबिल ने भारत में AI डेटा सेंटर हार्डवेयर बनाने के लिए 50:50 ज्वाइंट वेंचर पर किए हस्ताक्षर

अदाणी एंटरप्राइजेज और जैबिल ने भारत में AI डेटा सेंटर हार्डवेयर बनाने के लिए 50:50 ज्वाइंट वेंचर पर किए हस्ताक्षर

अदाणी एंटरप्राइजेज और अमेरिका की जैबिल इंक ने 13 अक्टूबर को भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI और डेटा सेंटर उपकरण बनाने के लिए 50:50 ज्वाइंट वेंचर स्थापित करने हेतु एक नॉन-बाइंडिंग मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। यह प्रस्तावित उपक्रम घरेलू और वैश्विक बाजारों में कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए है। दोनों कंपनियों ने कहा कि यह समझौता निश्चित समझौतों, लागू होने वाली स्वीकृतियों और पारंपरिक शर्तों के अधीन है।

यह प्रस्तावित उपक्रम एक मल्टी-गिगावाट AI बुनियादी ढांचा विनिर्माण प्लेटफॉर्म तैयार करने का लक्ष्य रखता है। इसमें AI रैक्स, सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग उपकरण, पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और लिक्विड-कूलिंग सॉल्यूशन शामिल होंगे। यह ज्वाइंट वेंचर इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग सेवाएं भी प्रदान करेगा जिसका विनिर्माण और असेंबली ऑपरेशन हाइपरस्केलर्स, क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर्स, डेटा सेंटर ऑपरेटरों और उद्यमों द्वारा उपयोग किए जाने वाले उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग सिस्टम का समर्थन करेगा।

  • अदाणी एंटरप्राइजेज और जैबिल ने 13 अक्टूबर को MoU पर हस्ताक्षर किए।
  • यह 50:50 का ज्वाइंट वेंचर भारत में AI और डेटा सेंटर उपकरण बनाएगा।
  • भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 5 से 8 गिगावाट तक पहुंचने का अनुमान है।
  • कंपनियों का अनुमान है कि अगले सात वर्षों में वैश्विक बाजार का अवसर 3 ट्रिलियन USD से अधिक है।
  • यह प्रोजेक्ट अदाणी ग्रुप की उस प्रतिबद्धता के अनुरूप है जिसके तहत वह 2035 तक 5 गिगावाट ग्रीन-एनर्जी-संचालित हाइपरस्केल AI-रेडी डेटा सेंटर विकसित करने में 100 अरब USD का निवेश करेगा।

साझेदारी को लेकर क्या बोले प्रमुख अधिकारी

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि यह साझेदारी ग्रुप को AI बुनियादी ढांचे को ऊर्जा और होस्टिंग देने से आगे बढ़कर उन्नत कंप्यूटिंग के लिए आवश्यक प्रणालियों के विनिर्माण की ओर विस्तार करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि जैबिल के साथ हमारा प्रस्तावित ज्वाइंट वेंचर इस भविष्य की ओर एक रणनीतिक कदम है। इसमें जैबिल की विश्व स्तरीय इंजीनियरिंग और विनिर्माण क्षमताओं को ऊर्जा, बुनियादी ढांचे और डेटा सेंटर्स में अदाणी की एकीकृत ताकत के साथ जोड़ा गया है।

जैबिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO माइक दस्तूर ने कहा कि यह साझेदारी भारत में एक बड़े स्तर पर AI बुनियादी ढांचा विनिर्माण प्लेटफॉर्म स्थापित करेगी। कंपनी का मानना है कि घरेलू और वैश्विक मांग के लिए यह तेजी से महत्वपूर्ण होता जाएगा। उन्होंने कहा कि जैबिल की 60 वर्षों की इंजीनियरिंग और विनिर्माण विशेषज्ञता को अदाणी की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा और ऊर्जा क्षमताओं के साथ एकीकृत करके हम अपने रैक-स्तरीय डेटा सेंटर समाधान भारत और दुनिया भर के अधिक हाइपरस्केलर्स तक ला सकते हैं।

बाजार की क्षमता और आगामी योजनाएं

कंपनियों के अनुसार AI को अपनाने, क्लाउड के विस्तार और डेटा स्थानीयकरण से भारत की डेटा सेंटर क्षमता 2030 तक 5 से 8 गिगावाट यानी GW तक पहुंचने का अनुमान है। कंपनियों ने अगले सात वर्षों में AI कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे के लिए वैश्विक बाजार के अवसर का अनुमान 3 ट्रिलियन USD से अधिक लगाया है। यह प्रस्तावित उपक्रम जून 2026 में भारत में AI और डेटा सेंटर बुनियादी ढांचा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के लिए दोनों भागीदारों की घोषणा के बाद आया है।

यह प्रोजेक्ट अदाणी ग्रुप की उस प्रतिबद्धता के साथ भी मेल खाता है जिसमें वह 2035 तक 5 गिगावाट ग्रीन-एनर्जी-संचालित हाइपरस्केल AI-रेडी डेटा सेंटर विकसित करने के लिए 100 बिलियन USD का निवेश करेगा। यह ज्वाइंट वेंचर एक ऐसा विनिर्माण आधार तैयार करने की उम्मीद करता है जो भारतीय मांग को पूरा कर सके और निर्यात का समर्थन कर सके। इससे भारत विस्तार कर रहे AI बुनियादी ढांचा बाजार के लिए महत्वपूर्ण हार्डवेयर के आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित हो सकेगा।

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