भारत के 84 फीसदी छोटे और मध्यम उद्यम बढ़ाएंगे साइबर सुरक्षा पर खर्च, नई स्टडी में खुलासा

भारत के 84 फीसदी छोटे और मध्यम उद्यम बढ़ाएंगे साइबर सुरक्षा पर खर्च, नई स्टडी में खुलासा

नई दिल्ली में 17 सितंबर को जारी एक नई स्टडी के अनुसार, भारत के एक बड़े हिस्से के छोटे और मध्यम उद्यम यानी SMEs आने वाले 12-24 महीनों में अपने साइबर सुरक्षा निवेश को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।

टाटा टेली बिजनेस सर्विसेज ( TTBS ) और साइबरमीडिया रिसर्च ( CMR ) द्वारा की गई इस स्टडी में यह जानकारी सामने आई है। इस स्टडी का नाम SME Digital Insights 2026 Cybersecurity study है और यह बताती है कि कारोबार अब साइबर सुरक्षा को एक रणनीतिक कारोबार प्राथमिकता के रूप में पहचान रहे हैं।

हालांकि, इस स्टडी में निवेश योजनाओं और साइबर सुरक्षा तैयारी के बीच एक महत्वपूर्ण अंतर को भी उजागर किया गया है।

  • 84 फीसदी भारतीय SMEs आने वाले 12-24 महीनों में साइबर सुरक्षा निवेश बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
  • 40 फीसदी SMEs ने पिछले दो वर्षों के दौरान एक साइबर-इंसिडेंट का अनुभव किया है।
  • केवल 28 फीसदी SMEs ने इंसिडेंट के बाद संरचनात्मक साइबर सुरक्षा सुधार लागू किए।
  • केवल 12 फीसदी SMEs अपने साइबर सुरक्षा वातावरण की लगातार निगरानी करते हैं।
  • लगभग 35 फीसदी SMEs कई साइबर सुरक्षा टूल संचालित करते हैं लेकिन जोखिमों पर उनकी सीमित दृश्यता है।
  • लगभग 46 फीसदी SMEs अपने IT बजट का 5 फीसदी से भी कम हिस्सा साइबर सुरक्षा के लिए आवंटित करते हैं।

साइबर सुरक्षा तैयारी और निवेश में अंतर

स्टडी में बताया गया है कि हालांकि निवेश का इरादा मजबूत है, लेकिन कई SMEs अभी भी प्रतिक्रियाशील सुरक्षा प्रथाओं पर निर्भर हैं। लगभग 35 फीसदी SMEs कई साइबर सुरक्षा टूल संचालित करते हैं लेकिन जोखिमों पर उनकी सीमित दृश्यता होती है।

यह स्थिति दर्शाती है कि भले ही कारोबार अलग-अलग सुरक्षा समाधान अपना रहे हैं, लेकिन खंडित टूल और सीमित निगरानी क्षमताएं संगठनों के लिए अपने समग्र साइबर सुरक्षा वातावरण का स्पष्ट दृष्टिकोण प्राप्त करना कठिन बना सकती हैं। साइबर सुरक्षा पर खर्च भी एक महत्वपूर्ण संख्या के लिए सीमित बना हुआ है।

लगभग 46 फीसदी SMEs अपने IT बजट का 5 फीसदी से कम हिस्सा साइबर सुरक्षा के लिए आवंटित करते हैं। यह सुझाव देता है कि जैसे-जैसे कारोबार अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हैं, निवेश बढ़ाने की काफी गुंजाइश है।

विशाल रैली और प्रभु राम के बयान

टाटा टेलीसर्विसेज के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर विशाल रैली ने कहा कि यह देखना उत्साहजनक है कि 84 फीसदी SMEs अगले दो वर्षों में अपने साइबर सुरक्षा निवेश को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। जैसे-जैसे साइबर खतरे लगातार विकसित हो रहे हैं, कारोबारों को साइबर सुरक्षा को अपनी व्यापक डिजिटल परिवर्तन यात्रा का एक अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।

साइबरमीडिया रिसर्च ( CMR ) के इंडस्ट्री रिसर्च ग्रुप ( IRG ) के उपाध्यक्ष प्रभु राम ने कहा कि हमारे स्टडी के निष्कर्ष भारतीय SMEs की साइबर सुरक्षा यात्रा में एक स्पष्ट मोड़ को उजागर करते हैं। जबकि निवेश का इरादा तेजी से बढ़ रहा है, साइबर परिपक्वता असमान बनी हुई है, जिसमें केवल 12 फीसदी SMEs अपने साइबर सुरक्षा वातावरण की लगातार निगरानी करते हैं।

साइबर सुरक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका

निष्कर्षों से साइबर सुरक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ( AI ) की बढ़ती भूमिका का भी संकेत मिलता है। लगभग 35 फीसदी SMEs AI को एक साइबर सुरक्षा सक्षमकर्ता के रूप में पहचानते हैं, विशेष रूप से तेज खतरे का पता लगाने, स्वचालित निगरानी और बेहतर इंसिडेंट रिस्पॉन्स के लिए।

साथ ही, 34 फीसदी को उम्मीद है कि AI-संचालित साइबर खतरे आने वाले 12-24 महीनों में उनके कारोबार को गंभीर रूप से प्रभावित करेंगे। यह साइबर सुरक्षा परिदृश्य पर AI के दोहरे प्रभाव को उजागर करता है।

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